आज से इस सरकारी बैंक का लोन हुआ महंगा, आम आदमी पर बढ़ गया EMI का बोझ
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आज से इस सरकारी बैंक का लोन हुआ महंगा, आम आदमी पर बढ़ गया EMI का बोझ

आज से इस सरकारी बैंक का लोन हुआ महंगा

आज से इस सरकारी बैंक का लोन हुआ महंगा, आम आदमी पर बढ़ गया EMI का बोझ

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 4 मई को रेपो रेट में बढ़ोतरी किए जाने के बाद से कई बैंकों ने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में बढ़ोतरी की है। अब इसी कड़ी में इंडियन ओवरसीज बैंक भी शामिल हो गया है। इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ी उधारी दर को बढ़ा दिया है। बैंक ने इसे संशोधित कर 7.25 प्रतिशत कर दिया है, जो आज यानी 10 मई से लागू है। ऋणदाता ने एक नियामक फाइलिंग में कहा, "हमारे बैंक ने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को संशोधित कर 7.25 प्रतिशत (यानी 4.40 प्रतिशत +2.85 प्रतिशत = 7.25 प्रतिशत) कर दिया है।" इससे लोन महंगा होगा और ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। गौरतलब है कि इंडियन ओवरसीज बैंक से पहले एचडीएफसी बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और करूर वैश्य बैंक ने भी एमसीएलआर और रेपो दर के आधार पर अपनी उधार दरों को संशोधित किया है।

बता दें कि अगस्त 2018 के बाद पहली बार आरबीआई ने 4 मई को रेपो दर में 40 आधार अंकों की वृद्धि की थी, जिसके साथ ही इसे बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत कर दिया गया था। केंद्रीय बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात को भी 50 आधार अंक बढ़ाकर 4.5 प्रतिशत कर दिया था। यह ऐसे समय में हुआ था, जब सबको उम्मीद थी कि केंद्रीय बैंक ऐसा कदम उठा सकता है लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी यह कदम उठाया जा सकता है।

खुद वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी आश्चर्यजनक नहीं थी, लेकिन इसे बढ़ाने की टाइमिंग चौंकाने वाली थी। उन्होंने कहा था, “आरबीआई की दर वृद्धि का समय आश्चर्य वाला था, न कि दर वृ्द्धि। लोग सोच रहे थे कि यह काम वैसे भी होना ही था...। यह आश्चर्य की बात थी क्योंकि यह दो एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की बैठकों के बीच हुआ। लेकिन, यूएस फेड यह बार-बार कह रहा था।”